इसमें कसैले यानी astringent गुण होते हैं और कुछ परिस्थितियों में यह सूक्ष्मजीवों की वृद्धि को कम कर सकती है। इसी वजह से इसका इस्तेमाल पारंपरिक घरेलू देखभाल में लंबे समय से होता आया है। यहां फिटकरी के तीन ऐसे घरेलू इस्तेमाल हैं, जिनके बारे में आम तौर पर बताया जाता है।
Phitkari के 3 घरेलू उपाय
1. त्वचा की सफाई के लिए फिटकरी
फिटकरी का इस्तेमाल त्वचा को साफ रखने के लिए किया जाता है। पानी में थोड़ी मात्रा में फिटकरी घोलकर उसे त्वचा की सफाई के लिए इस्तेमाल करने की परंपरा कई जगहों पर रही है। फिटकरी के कसैले गुण त्वचा की सतह पर मौजूद अतिरिक्त तेल और नमी को कुछ समय के लिए कम कर सकते हैं। इसी वजह से इसे त्वचा की देखभाल से जुड़े घरेलू उपायों में शामिल किया जाता है। हालांकि, चेहरे पर फिटकरी के टुकड़े को बार-बार रगड़ना या ज्यादा मात्रा में लगाना ठीक नहीं है। इससे त्वचा में जलन, रूखापन या लालिमा हो सकती है। और एक महत्वपूर्ण बात—फिटकरी से चेहरे के दाग-धब्बे स्थायी रूप से हट जाते हैं, इसका मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। अगर दाग लगातार बने हुए हैं, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
2. दांत दर्द में फिटकरी का इस्तेमाल
दांत दर्द होने पर फिटकरी का पाउडर सीधे दर्द वाली जगह पर लगाने का घरेलू नुस्खा भी काफी पुराना है। फिटकरी में कुछ antimicrobial और astringent गुण पाए जाते हैं, इसलिए इससे मुंह के आसपास के कुछ सूक्ष्मजीवों पर असर पड़ने की संभावना पर अध्ययन हुए हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि फिटकरी दांत दर्द का इलाज कर सकती है। दांत में दर्द अक्सर कैविटी, मसूड़ों की समस्या, संक्रमण या दांत के अंदर की दूसरी परेशानी की वजह से होता है। ऐसी स्थिति में फिटकरी लगाकर दर्द को दबाने की कोशिश करने के बजाय दंत चिकित्सक से जांच कराना जरूरी है। इसलिए फिटकरी के पाउडर को सीधे दांत या मसूड़े पर लगाने को नियमित इलाज नहीं माना जाना चाहिए।
3. नहाने के पानी में फिटकरी
शरीर की सफाई के लिए फिटकरी को पानी में मिलाकर नहाने का घरेलू इस्तेमाल भी कई जगहों पर किया जाता है। फिटकरी के कसैले और कुछ antimicrobial गुणों की वजह से लोगों को लगता है कि यह शरीर की सतह पर मौजूद गंदगी और कुछ सूक्ष्मजीवों को कम करने में मदद कर सकती है। शरीर की बदबू को कम करने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।
लेकिन यहां भी मात्रा बहुत महत्वपूर्ण है। ज्यादा फिटकरी त्वचा को रूखा कर सकती है और संवेदनशील त्वचा वाले लोगों में जलन पैदा कर सकती है। पसीने की बदबू का मुख्य कारण सिर्फ पसीना नहीं, बल्कि त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया और पसीने के घटकों की आपसी प्रतिक्रिया भी है। इसलिए बदबू लगातार बनी रहती है तो सिर्फ फिटकरी पर निर्भर रहने के बजाय सामान्य स्वच्छता और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह ज्यादा बेहतर विकल्प है।
फिटकरी इस्तेमाल करते समय किन बातों का ध्यान रखें?
फिटकरी कोई पूरी तरह नुकसानरहित घरेलू चीज नहीं है। इसका इस्तेमाल सीमित मात्रा में और सावधानी से करना चाहिए। चेहरे या शरीर पर लगाने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर थोड़ी मात्रा आजमाना बेहतर है। जलन, खुजली या लालिमा हो तो इसका इस्तेमाल बंद कर दें।
आंखों, खुले घाव और बहुत संवेदनशील त्वचा पर फिटकरी न लगाएं। दांत दर्द, मसूड़ों से खून आना या सूजन जैसी समस्या हो तो घरेलू उपाय के भरोसे रहने के बजाय दंत चिकित्सक से जांच कराना चाहिए। फिटकरी के कुछ पारंपरिक घरेलू इस्तेमाल उपयोगी हो सकते हैं, लेकिन इसे किसी बीमारी के पक्के इलाज के रूप में देखना सही नहीं होगा। घरेलू नुस्खे और वैज्ञानिक इलाज के बीच यही फर्क समझना सबसे जरूरी है।





