Skip to main content

Chimpanzees और Bonobos तनाव में क्यों गले मिलते हैं?

खाने की कमी सामने हो और पूरा समूह बेचैन हो जाए, तब ये जानवर क्या करते हैं? नए अध्ययन में मिला एक दिलचस्प संकेत—वे एक-दूसरे के और करीब आ सकते हैं।

Dr. Vikram Sharma
Edited by: UtkarshUpdated: 7 Min read

Editorial Review

This article has been verified according to BioZone's editorial process and policies. Our team has followed these standards to ensure the reliability of this article:

  • Fact-checked
  • Scientific Review
  • Trusted Sources
  • Proofread & Accurate
Follow BioZone
on Google News
तनावपूर्ण सामाजिक स्थिति में एक-दूसरे के करीब आते chimpanzees और bonobos का वैज्ञानिक चित्रण।
Chimpanzees और bonobos एक-दूसरे को छूते और social bonding करते हुए
लेख सुनेंAI VOICE
हिंदी ऑडियो
00:00

क्या आपने कभी देखा है कि किसी तनाव भरे पल में एक दोस्त का कंधे पर हाथ रखना या गले लगाना मन को थोड़ा शांत कर देता है ऐसा व्यवहार सिर्फ इंसानों तक सीमित हो, यह जरूरी नहीं। एक नए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया है

X (Twitter)

Click to load official post on X...

Recent PostLoad Post →

कि chimpanzees और bonobos जैसे हमारे करीबी primate रिश्तेदार भी तनाव भरी सामाजिक परिस्थितियों में एक-दूसरे के करीब आने और physical touch का इस्तेमाल कर सकते हैं।

Chimpanzees और bonobos एक-दूसरे को छूते और social bonding करते हुए
Chimpanzees और bonobos एक-दूसरे को छूते और social bonding करते हुए

गले लगना, हाथ पकड़ना, एक-दूसरे को सहलाना या शरीर से संपर्क बनाए रखना इन जानवरों के सामाजिक जीवन का सामान्य हिस्सा है। नए अध्ययन में संकेत मिला है कि ऐसे व्यवहार उस समय खास महत्व रख सकते हैं जब समूह के सामने कोई ऐसी स्थिति हो जिसमें तनाव और प्रतिस्पर्धा बढ़ने वाली हो। शोधकर्ताओं के मुताबिक, यह संभव है कि physical contact सामाजिक तनाव को संभालने और समूह के सदस्यों के बीच संबंध बनाए रखने में मदद करता हो लेकिन एक सावधानी जरूरी है—अध्ययन यह साबित नहीं करता कि touch ही सीधे तौर पर तनाव कम करता है। इसके पीछे दूसरी वजहें भी हो सकती हैं।

Apes में Physical Touch इतना आम क्यों है?

Chimpanzees और bonobos दोनों great apes हैं और इंसानों के करीबी evolutionary relatives में शामिल हैं। इनके सामाजिक समूहों में physical contact कई रूपों में दिखाई देता है। वे एक-दूसरे को groom करते हैं, पास बैठते हैं, हाथ पकड़ते हैं, गले मिलते हैं और कभी-कभी शरीर के संवेदनशील हिस्सों को भी छूते हैं। पहली नजर में ये व्यवहार सिर्फ दोस्ती या स्नेह जैसे लग सकते हैं। लेकिन primate researchers के लिए इनका सामाजिक महत्व इससे कहीं बड़ा है।

YouTube Video Player

ऐसा contact भरोसा बनाने, तनाव कम करने, रिश्ते मजबूत करने और कभी-कभी conflict को संभालने में भूमिका निभा सकता है। इसीलिए researchers इसे समूह की social glue यानी सामाजिक जुड़ाव बनाए रखने वाले व्यवहारों में गिनते हैं।

वैज्ञानिकों ने Peanuts देकर क्या देखा?

इस सवाल को समझने के लिए researchers ने Zambia और Democratic Republic of Congo में रहने वाले पांच अलग-अलग chimpanzee और bonobo groups का observation किया। उन्होंने जानवरों को peanuts देने की स्थिति को एक तरह के natural social-stress test के रूप में इस्तेमाल किया। समस्या यह थी कि peanuts इतने नहीं थे कि हर जानवर अपनी इच्छा के मुताबिक भरपेट खा सके।

जैसे ही जानवरों को पता चलता कि खाना आने वाला है, समूह में excitement और competition बढ़ने लगती थी Researchers ने animals के व्यवहार को feeding से पहले, feeding के दौरान और उसके बाद रिकॉर्ड किया। फिर उन्होंने देखा कि feeding से पहले जानवरों के बीच कितना physical contact हुआ और बाद में समूह का व्यवहार कैसा रहा।

ज्यादा Touch, ज्यादा शांत माहौल?

अध्ययन में एक दिलचस्प pattern सामने आया। जिन groups में feeding से पहले animals के बीच ज्यादा cuddling और physical contact देखा गया, वहां बाद में animals के साथ मिलकर शांतिपूर्वक खाने की संभावना ज्यादा थी। यह pattern chimpanzees और bonobos दोनों में देखा गया। इसका मतलब यह हो सकता है कि feeding जैसी competitive situation आने से पहले social contact समूह के तनाव को संभालने में मदद करता है।

यानी physical touch शायद सिर्फ affection दिखाने का तरीका नहीं है। यह सामाजिक माहौल को संभालने का एक हिस्सा भी हो सकता है। लेकिन researchers खुद सावधानी बरतते हैं। यह observation अपने आप में यह साबित नहीं करता कि cuddling ने सीधे तौर पर aggression को रोक दिया। संभव है कि जो groups पहले से ज्यादा tolerant और socially connected हों, उनमें physical contact भी स्वाभाविक रूप से ज्यादा होता हो।

Chimps और Bonobos में इतना फर्क क्यों माना जाता है?

Chimpanzees को अक्सर ज्यादा aggressive और competitive primates के रूप में देखा जाता है। इसके उलट bonobos को अपेक्षाकृत ज्यादा tolerant और socially cooperative माना जाता है। लेकिन इस अध्ययन के परिणाम बताते हैं कि दोनों species के बीच अंतर जितना सरल समझा जाता है, कहानी उससे ज्यादा जटिल हो सकती है।

“दोनों ही species social relationships को संभालने के लिए physical contact का इस्तेमाल करती हैं। अंतर शायद इस बात में हो सकता है कि वे अलग-अलग परिस्थितियों में इन behaviors का इस्तेमाल कितनी बार और किस तरीके से करती हैं। यानी ‘chimpanzee aggressive हैं और bonobo शांत हैं’ जैसी सीधी तस्वीर उनके पूरे social life को नहीं समझाती।” — Amit Sharma

क्या गले लगना सच में तनाव कम करता है?

यहां वैज्ञानिक सावधानी जरूरी है। अध्ययन में correlation यानी संबंध देखा गया है। Researchers ने यह देखा कि ज्यादा physical contact और शांत feeding behavior साथ-साथ दिखाई दिए। लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि touch ने ही शांत माहौल पैदा किया। इसके कई संभावित कारण हो सकते हैं। हो सकता है कि जिन animals के social bonds पहले से मजबूत हों, वे ज्यादा एक-दूसरे को छूते हों और naturally कम conflict करते हों।

या physical contact वास्तव में तनाव को कम करने में योगदान देता हो। संभव है कि दोनों चीजें एक-दूसरे को प्रभावित करती हों। यानी मजबूत social relationship physical contact बढ़ाए और physical contact फिर उस relationship को और मजबूत करे।

इंसानों के लिए इसका क्या मतलब है?

Chimpanzees और bonobos से इंसानों की तुलना करते समय भी सावधानी जरूरी है। हमारे social systems बहुत ज्यादा complex हैं और किसी ape species में दिखाई देने वाला behavior सीधे इंसानों पर लागू नहीं किया जा सकता। फिर भी एक दिलचस्प समानता जरूर दिखाई देती है। इंसानों में भी supportive touch—जैसे हाथ पकड़ना, कंधे पर हाथ रखना या गले लगाना—कई सामाजिक परिस्थितियों में reassurance और emotional support का हिस्सा हो सकता है।

शोधकर्ता Zanna Clay का मानना है कि physical closeness तनावपूर्ण परिस्थितियों में social connection को मजबूत करने में भूमिका निभा सकती है। खासकर ऐसी जगहों पर जहां लोग competition या excitement की वजह से तनाव में हों। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि किसी भी तनावपूर्ण स्थिति में किसी व्यक्ति को गले लगाना हमेशा सही होगा। इंसानों में personal boundaries और consent भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।

असली रहस्य Social Bond का है

इस अध्ययन की सबसे दिलचस्प बात शायद “हग करने” से भी आगे जाती है। Chimpanzees और bonobos हमें यह दिखाते हैं कि सामाजिक जीवन केवल भोजन, territory और competition का खेल नहीं है। एक समूह को साथ बनाए रखने के लिए reassurance, tolerance, grooming और physical contact जैसे छोटे-छोटे व्यवहार भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। शायद यही वजह है कि scientists इन्हें social glue कहते हैं। हो सकता है कि तनावपूर्ण स्थिति आने से पहले एक-दूसरे के करीब आना समूह को उस तनाव के लिए तैयार करता हो।

और अगर ऐसा है, तो एक छोटा-सा touch केवल touch नहीं रह जाता। वह किसी social relationship का संकेत बन जाता है। फिलहाल वैज्ञानिकों के पास यह कहने के लिए पर्याप्त evidence नहीं है कि physical touch सीधे तौर पर chimpanzees और bonobos के तनाव को कम करता है। लेकिन observation ने एक दिलचस्प संभावना जरूर सामने रखी है.

Quick Quiz

Question 1 of 2

अध्ययन में researchers ने apes के social behavior को देखने के लिए किस स्थिति का इस्तेमाल किया?

Advertisements

Frequently Asked Questions

क्या chimpanzees और bonobos एक-दूसरे को गले लगाते हैं?
हां। दोनों species में hugging, grooming, हाथ पकड़ना और दूसरे forms of physical contact देखे जाते हैं।
अध्ययन में peanuts का इस्तेमाल क्यों किया गया?
Peanuts ऐसी feeding situation बनाने के लिए दिए गए जिसमें भोजन सीमित था और animals में excitement तथा competition बढ़ सकती थी।
क्या physical touch ने निश्चित रूप से तनाव कम किया?
अभी ऐसा कहना जल्दबाजी होगी। अध्ययन में physical contact और शांत feeding behavior के बीच संबंध मिला, लेकिन इससे direct cause-and-effect साबित नहीं होता।
क्या chimpanzees और bonobos का social behavior बिल्कुल अलग है?
दोनों species में social behavior के कई अंतर हैं, लेकिन अध्ययन यह दिखाता है कि दोनों में physical contact और social bonding की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।

Sources & References

4 Sources

Dr. Vikram Sharma
About the AuthorScience Desk

डॉ. विक्रम शर्मा पिछले 10 वर्षों से अंतरिक्ष (Cosmos), क्वांटम मैकेनिक्स और दुनिया के अनसुलझे रहस्यों (Mysteries) पर रिसर्च और जर्नलिज्म कर रहे हैं। इनका मुख्य उद्देश्य जटिल विज्ञान को बिल्कुल आसान और रोचक हिंदी में लोगों तक पहुँचाना है। डॉ. विक्रम शर्मा पिछले 10 वर्षों से अंतरिक्ष (Cosmos), क्वांटम मैकेनिक्स और दुनिया के अनसुलझे रहस्यों (Mysteries) पर रिसर्च और जर्नलिज्म कर रहे हैं। इनका मुख्य उद्देश्य जटिल विज्ञान को बिल्कुल आसान और रोचक हिंदी में लोगों तक पहुँचाना है।

Read More
Share this post:
Next Story

Giant Isopod: संग्रहालय में मिला नई प्रजाति का विशाल जीव

editorial-desk
|

क्या किसी जीव की नई प्रजाति बिना समुद्र में उतरे भी खोजी जा सकती है? Puerto Rico से आए एक पुराने Giant Isopod के नमूने ने वैज्ञानिकों को इसका दिलचस्प जवाब दिया।

Puerto Rico से मिले 32.2 सेंटीमीटर लंबे Giant Isopod की नई प्रजाति Bathynomus tuebingoborikensis
Next Story

Beta Pictoris b से आया रेडियो सिग्नल, क्या है रहस्य?

dr-vikram-sharma
|

63 प्रकाश-वर्ष दूर एक युवा ग्रह से आती radio emission ने वैज्ञानिकों का ध्यान खींचा है। सवाल यह नहीं कि “एलियंस ने संदेश भेजा या नहीं”, बल्कि यह है कि इस दूर की दुनिया में आखिर कौन-सी physics काम कर रही है?

Beta Pictoris b के आसपास संभावित magnetic और radio emission का वैज्ञानिक चित्रण।
Advertisements
Next Story

Ionosphere में X और C आकार की रहस्यमयी संरचनाएं क्यों दिखती हैं?

utkarsh
|

पृथ्वी के ऊपर मौजूद एक अदृश्य क्षेत्र में NASA ने X जैसी संरचनाएं देखीं। हैरानी की बात यह है कि इनमें से कुछ उस समय दिखाई दीं जब कोई बड़ी geomagnetic disturbance मौजूद नहीं थी।

Next Story

Solar Storm 2025: सूर्य की भड़कती ज्वालाओं से पृथ्वी को कितना खतरा?

utkarsh
|

सूर्य पर होने वाला एक विस्फोट पृथ्वी से करोड़ों किलोमीटर दूर होता है, लेकिन उसका असर हमारी GPS, satellites और बिजली के infrastructure तक पहुंच सकता है। आखिर Solar Storm कितना खतरनाक हो सकता है?